सहरसा जिला समाहरणालय परिसर स्थित सभागार में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता दीपेश कुमार (जिलाधिकारी, सहरसा) ने की। बैठक में जिले के सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक रंग-रोगन, साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल (आरओ), दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। क्यू मैनेजमेंट सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए टोकन डिस्प्ले सिस्टम और पीओएस प्रिंटर की अविलंब स्थापना के आदेश दिए गए। साथ ही सभी संस्थानों में चिकित्सकों और कर्मियों की कर्तव्य तालिका नाम व दूरभाष संख्या सहित प्रदर्शित करने को कहा गया।
भव्या पोर्टल की समीक्षा में सहरसा की रैंकिंग असंतोषजनक पाई गई। जिला वर्तमान में 13वें पायदान पर है। सदर अस्पताल सहरसा में ऑनलाइन कंसल्टेशन तथा सलखुआ का प्रदर्शन कमजोर पाया गया, जिस पर संबंधित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया। ओपीडी में कमी वाले संस्थानों को सुधार के निर्देश दिए गए।
डीएम ने संस्थागत प्रसव बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण एएनसी, टीकाकरण, मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य, वेक्टर जनित एवं गैर संचारी रोग नियंत्रण, आरसीएच पोर्टल पर डाटा संधारण, टेलीमेडिसिन की उपलब्धि बढ़ाने तथा आयुष्मान भारत के तहत अधिक से अधिक टीएमएस कार्य सुनिश्चित करने को कहा।
सभी हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों पर जन आरोग्य समिति गठन, मासिक बैठक, 100% वेलनेस एक्टिविटी और निर्धारित दवा सूची के अनुसार दवा उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सिविल सर्जन समेत सभी जिला व प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
