भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में स्नातक सेमेस्टर-4 की हिंदी विषय की परीक्षा में सिलेबस से बाहर प्रश्न पूछे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पुर्नपरीक्षा कराने के निर्णय के बावजूद दोषियों की पहचान नहीं किए जाने पर छात्र राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने कड़ा आक्रोश जताया है। संगठन ने इस पूरे मामले में पारदर्शी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में कुलपति प्रो. बिमलेंदु शेखर झा की अध्यक्षता में आयोजित परीक्षा बोर्ड की बैठक में पुर्नपरीक्षा कराने का निर्णय लिया गया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सिलेबस से बाहर प्रश्न किसने और किन परिस्थितियों में तैयार किए। इसी को लेकर छात्र संगठनों में नाराजगी है। रालोमो के कार्यकारी अध्यक्ष गिरीश झा ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रश्न सिलेबस से बाहर थे तो इसके लिए कोई न कोई जरूर जिम्मेदार होगा। ऐसे में यह कहना कि इस मामले में कोई दोषी नहीं है, छात्रों के साथ अन्याय है।
संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कई सवालों के जवाब मांगे हैं। रालोमो ने पूछा है कि सिलेबस से बाहर प्रश्न पूछे जाने की अनुमति किसने दी, प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल थे और जांच के बाद दोष सिद्ध होने पर अब तक क्या कार्रवाई की गई। संगठन का कहना है कि केवल पुर्नपरीक्षा कराकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।
रालोमो के जिलाध्यक्ष सत्यम मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ही अपनी जिम्मेदारी तय नहीं की और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो छात्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
इस मांग को लेकर रालोमो से जुड़े कई छात्र नेता और सदस्य सक्रिय रूप से सामने आए हैं। मांग करने वालों में मारवाड़ी कॉलेज अध्यक्ष हृषिकेश प्रकाश, बिट्टू, रमन राठौड़, शुभम, आर्यन झा, नवल, रूपप्रताप, वसीम, अंकुश, मनीष सहित अन्य छात्र शामिल हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
