नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए राज्यपाल और उपराज्यपाल की नियुक्तियों की घोषणा की है। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में बिहार में भी नया गवर्नर तैनात किया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का नया गवर्नर नियुक्त किया गया है।
लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन कौन हैं?
लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने भारतीय सेना में 40 वर्षों की लंबी सेवा दी है। वे भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून, चौथे बटालियन (गढ़वाल राइफल्स) से कमीशन किए गए थे। 2013 में वे सैन्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनका अनुभव जम्मू-कश्मीर, पंजाब और श्रीलंका जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रहा है। वे कश्मीर में 15वीं कोर की कमान संभाल चुके हैं और आतंकवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई।
जनरल हसनैन ने मोजाम्बिक में संयुक्त राष्ट्र के साथ भी कार्य किया। 2018 में उन्हें कश्मीर की सेंट्रल यूनिवर्सिटी का कुलपति नियुक्त किया गया था। रणनीतिक सोच, इतिहास और राजनीति में गहरी समझ रखने वाले जनरल हसनैन कई अखबारों में रणनीतिक मुद्दों पर कॉलम लिखते हैं। उन्हें वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए परम पीवीएसएम (PVSM), यूवाईएसएम (UYSM) और कई अन्य पदकों से सम्मानित किया जा चुका है।
अन्य नियुक्तियां
बिहार समेत अन्य राज्यों में भी नई नियुक्तियां की गई हैं।
नंदकिशोर यादव को नागालैंड का गवर्नर बनाया गया।
तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया।
दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया।
हिमाचल प्रदेश के गवर्नर शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का गवर्नर नियुक्त किया गया।
तेलंगाना के गवर्नर जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का गवर्नर बनाया गया।
तमिलनाडु के गवर्नर आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया गया।
केरल के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर तमिलनाडु का गवर्नर संभालेंगे।
लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का गवर्नर बनाया गया।
इस व्यापक फेरबदल के जरिए केंद्र ने प्रशासनिक स्थिरता और राज्य स्तर पर बेहतर संचालन सुनिश्चित करने का संदेश दिया है।
