नवादा जिले के रजौली अनुमंडल क्षेत्र में हुए चर्चित हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में धनबाद निवासी शेखर यादव को गिरफ्तार किया गया है, जिसने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, यह हत्या पारिवारिक रंजिश और घरेलू विवाद के चलते की गई थी।
घटना 7 मार्च 2026 की है, जब 35 वर्षीय मुन्ना कुमार यादव अचानक अपने घर से लापता हो गए थे। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। दो दिन बाद, 9 मार्च को सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी इलाके में उनका शव बरामद हुआ। मृतक की मां लक्ष्मीनिया देवी ने शव की पहचान की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया था।
मामले में मृतक की मां लक्ष्मीनिया देवी ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की पत्नी राखी देवी ने अपने मायके वालों और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। उनके अनुसार, मुन्ना और राखी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो इस घटना की मुख्य वजह बना।
सीतामढ़ी थाना में कांड संख्या 33/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। थानाध्यक्ष पप्पू शर्मा के नेतृत्व में पुलिस और डीआईयू टीम ने तकनीकी साक्ष्यों जैसे मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसी क्रम में धनबाद के टिटुलिया निवासी शेखर यादव को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में शेखर यादव ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए अन्य आरोपियों के नाम भी बताए हैं। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
रजौली अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गुलशन कुमार ने बताया कि मुख्य साजिशकर्ता राखी देवी समेत 5-6 अन्य नामजद और अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
