भारत की आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर भागलपुर में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकानों का सूचीकरण और मकान गणना की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में भागलपुर के समीक्षा भवन में जिला, नगर निगम और चार्ज ऑफिसर स्तर के शासकीय सेवकों के लिए 6 दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान उन्होंने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनगणना देश के विकास की आधारभूत प्रक्रिया है। इससे सरकार को जनसंख्या, आवास, सामाजिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े प्राप्त होते हैं, जो भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ करें, ताकि जनगणना से जुड़े आंकड़े सटीक और विश्वसनीय हों। उन्होंने कहा कि मकानों का सूचीकरण और गणना जनगणना का पहला और महत्वपूर्ण चरण होता है, इसलिए इस प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक पूरा करना आवश्यक है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों से जुड़े शासकीय सेवकों को जनगणना के तकनीकी पहलुओं, प्रक्रिया और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मकान सूचीकरण, डेटा संग्रहण और रिपोर्टिंग से संबंधित सभी आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, कहलगांव के अनुमंडल पदाधिकारी कृष्णचंद्र गुप्त, अपर समाहर्ता दिनेश राम तथा अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) राकेश रंजन सहित कई संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन को उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियां और अधिक मजबूत होंगी और पूरे जिले में यह प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जा सकेगी।
