भागलपुर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2025 को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन ने तैयारियों में तेजी ला दी है। इस संबंध में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिला अधिकारी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के कई वरीय प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक का उद्देश्य आगामी श्रावणी मेले की तैयारियों की गहन समीक्षा करना था, ताकि इस धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि इस बार कांवरियों को बीते वर्षों की तुलना में बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक महत्व का ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉ. चौधरी ने साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था और विद्युत आपूर्ति को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। जलापूर्ति विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि मेले के दौरान हर जगह पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो।
चिकित्सा सुविधा को लेकर भी जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों की स्थापना के साथ-साथ एंबुलेंस और चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन को विशेष निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि भारी भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में यह भी तय किया गया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध रूप से सभी कार्य पूरे किए जाएँगे। जिला प्रशासन ने आम जनता और श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और मेला को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में अपनी भागीदारी निभाएँ।
श्रावणी मेला हर वर्ष सावन मास में आयोजित होता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम जल अर्पण के लिए निकलते हैं। भागलपुर से देवघर तक की यात्रा में यह मेला एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। प्रशासन की यह तैयारी इस बात का संकेत है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं को एक नए और बेहतर अनुभव की सौगात मिलने वाली है।
