नवादा के प्रसाद बीघा में जन सुराज की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन की रणनीति और आगामी पंचायत चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली इस बैठक में प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हर पंचायत में मजबूत और योग्य उम्मीदवार उतारने की बात कही। उन्होंने कहा कि जन सुराज का लक्ष्य जनता को एक बेहतर और भरोसेमंद विकल्प देना है।
बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने शिक्षा, रोजगार सृजन, युवाओं के पलायन को रोकने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। इस पर प्रशांत किशोर ने जोर देते हुए कहा कि उम्मीदवारों के चयन में योग्यता, ईमानदारी और जनसंपर्क को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद संगठन को मजबूत करने के लिए अब जमीनी स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है। नवादा जैसे जिलों में उनका दौरा इसी रणनीति का हिस्सा है और आगे भी वे नियमित रूप से यहां आते रहेंगे ताकि संगठन को नई ऊर्जा मिल सके।
बैठक के दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार पर परिवारवाद को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता जीवनभर परिवारवाद के खिलाफ छवि बनाते रहे, आज उनके ही परिवार के लोग राजनीति में सक्रिय हो रहे हैं। उन्होंने ‘नेता का बेटा नेता ही बनेगा’ वाली अपनी पुरानी आलोचना को दोहराते हुए वंशवाद पर सवाल उठाए।
प्रशांत किशोर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 30 वर्षों में बिहार की राजनीति में करीब 1200 परिवारों के लोग ही सांसद, विधायक या मंत्री बन पाए हैं, जबकि आम गरीब और युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है।
जन सुराज ने साफ किया कि अब उनका मुख्य फोकस पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव हैं। हर पंचायत में उम्मीदवार उतारकर एक नई राजनीतिक संस्कृति स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा, जहां परिवारवाद नहीं बल्कि योग्यता, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता मिलेगी।
