भारतीय जनता पार्टी, सहरसा की ओर से सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर संसद परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा आयोजित ‘चाय पार्टी’ को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई। पार्टी नेताओं ने इसे संसद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा बनाए रखने की अपील की है।

 

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 12 मार्च 2026 को बजट सत्र के दौरान संसद भवन के मकर द्वार के बाहर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तथा कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के करीब 20 सांसदों द्वारा चाय-बिस्कुट के साथ तथाकथित ‘चाय पार्टी’ आयोजित की गई। भाजपा नेताओं का कहना है कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और उसकी गरिमा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।

 

भाजपा जिलाध्यक्ष साजन शर्मा ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से संसद परिसर को एक तरह से “पार्लियामेंट पिकनिक स्पॉट” बनाने की कोशिश की गई, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संसद के नियमों और परंपराओं का सम्मान करना सभी सांसदों का दायित्व है।

 

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि लोकसभा अध्यक्ष द्वारा मकर द्वार पर किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन या राजनीतिक गतिविधि पर स्पष्ट रोक लगाई गई है। इसके बावजूद विपक्षी सांसदों द्वारा वहां बैठकर विरोध प्रदर्शन करना संसदीय नियमों और अध्यक्ष के निर्देशों की खुली अवहेलना है।

 

भाजपा महामंत्री शिवभूषण सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश में रसोई गैस की कथित किल्लत को लेकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के हर नागरिक तक ऊर्जा सुविधाएं पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

 

वहीं भाजपा उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच यह संदेश स्पष्ट रूप से जाना चाहिए कि केंद्र सरकार देशहित और जनहित के लिए लगातार कार्य कर रही है, जबकि विपक्ष इस तरह के राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए केवल भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।

 

भाजपा नेताओं ने अंत में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि सभी राजनीतिक दल संसद की मर्यादा और नियमों का पालन करें।

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