भागलपुर नगर निगम में इन दिनों मेयर की कार्यशैली और कथित भ्रष्टाचार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वार्ड संख्या 13 के पार्षद रंजीत मंडल ने बड़ा कदम उठाया है। पार्षद रंजीत मंडल ने पार्षदों के अधिकारों के हनन और नगर निगम में कथित मनमानी के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

 

पार्षद रंजीत मंडल नगर निगम परिसर में ही धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम में कई महत्वपूर्ण निर्णय नियमों को दरकिनार कर लिए जा रहे हैं और पार्षदों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उनका आरोप है कि नगर निगम की बैठकों में पार्षदों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता और विकास से जुड़े फैसले कुछ चुनिंदा लोगों के बीच ही तय कर दिए जाते हैं।

 

रंजीत मंडल ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में चल रहे कई विकास कार्यों और ठेकों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि बिना स्पष्ट प्रक्रिया के ठेके दिए जा रहे हैं, जिससे नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनके अनुसार, कई मामलों में असामाजिक तत्वों को भी ठेकेदारी दी जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और नगर निगम की छवि धूमिल हो रही है।

 

पार्षद का कहना है कि नगर निगम जनता के पैसे से चलता है, इसलिए हर काम में पारदर्शिता और नियमों का पालन अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि नगर निगम प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराए और पार्षदों को उनके अधिकार सुनिश्चित करे।

 

रंजीत मंडल ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगा।

 

इस बीच नगर निगम परिसर में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर नगर निगम प्रशासन और मेयर की ओर है कि इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और क्या पार्षद की मांगों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है।

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