पटना: बिहार में सागर के पांचों हिस्सों के लिए हो रही वोटों के बीच क्षेत्र में एक अलग ही प्रोटोटाइप के दर्शन को मिले। वोटिंग के दौरान कांग्रेस के दो नेता सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा और मनोज विश्वास और असहमत के नेता फैसल रहमान की अनुपस्थिति की चर्चा चल ही रही थी कि इसी बीच केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मोहीम के परिवार से जुड़ी एक तस्वीर ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी।
असल, असलम की समधन ज्योति और उनकी बहू दीपा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के केबिन से बाहर निकले कैमरे में कैद हो गए। उस समय प्रदेश में ज्वालामुखी चुनाव की प्रक्रिया जारी थी और सभी दल अपने-अपने रिश्तेदारों को एकजुट रखने की कोशिश में लगे थे। ऐसे में इस मुलाक़ात की ख़बर सामने आई है, कई तरह के स्मारकों में स्थित स्टॉक हॉलकों में।
बताया जा रहा है कि वोटिंग शुरू होने से पहले ही ज्योति व दीपा मशविरा विधानसभा पहुंच गई थी। इसी दौरान वे कुछ देर के लिए युवा यादव के कमरे में चले गए। कुछ मिनट तक बातचीत के बाद दोनों डॉक्यूमेंट्री वाले कमरे से बाहर की ओर दिखाई देने वाली टिप्पणी। उनके पीछे एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान और डूबे हुए लोग एडी सिंह भी बाहरी नजर आए।
हालांकि इस मामले में पूरी तरह से सफाई देते हुए ज्योति दीक्षित और दीपा प्लाजा ने कहा कि वे नाबालिग से युवा यादव के चैंबर में चले गए और वहां कोई खास राजनीतिक बातचीत नहीं हुई।
इसके बावजूद इस साक्षात्कार को लेकर विशेष चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कुछ लोग इसे सामान्य आम आदमी पार्टी की बैठकें बता रहे हैं, तो वहीं कुछ राजनीतिक स्थिरता वाले इसे राज्य सभा चुनाव के बीच नामांकित समोच्चों से भी देख रहे हैं।
दोनों पक्ष इस बैठक को सामान्य रूप से बता रहे हैं, लेकिन बिहार की राजनीति में इस छोटी सी घटना ने भी विधानसभा के अंदर और बाहर की चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
