बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां गायघाट थाना क्षेत्र के असिया गांव में मंगलवार देर रात पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। इस दौरान हुई फायरिंग में 60 वर्षीय जगतवीर राय की मौत हो गई, जबकि थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस एक नाबालिग से जुड़े मामले में POCSO Act कोर्ट के आदेश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गांव में छापेमारी करने पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के दौरान ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गया। उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव और लाठी-डंडों से हमला किया, साथ ही पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, हालात बिगड़ने पर दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसमें एक ग्रामीण की मौत हो गई और पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं डीएसपी अलय वत्स ने बताया कि पुलिस टीम भीड़ में फंस गई थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की गई।
हालांकि, ग्रामीणों का आरोप इससे बिल्कुल अलग है। मृतक के पड़ोसी अजय राय का कहना है कि पुलिस रात करीब 12 बजे सिविल ड्रेस में घर में घुस गई और बिना कारण बताए तलाशी लेने लगी। विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और जबरन लोगों को पकड़ने की कोशिश की गई। इसी दौरान अफरा-तफरी में पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें जगतवीर राय को सीने में गोली लग गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं और लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है। घायलों का इलाज एसकेएमसीएच में चल रहा है। पुलिस ने हमले में शामिल लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है, वहीं पूरे मामले की जांच जारी है।
