बिहार के बेतिया जिले में पुलिस और आतंकियों के बीच उस समय रिपोर्ट की स्थिति पैदा हो गई, जब पुलिस ने एक समूह को गिरफ्तार करने के लिए गांव में छापा मारा। मामला बाग थाना क्षेत्र के यूक्रेनवा गांव का है, जहां बानूछापर थाना पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुमार स्मारक हो गए और दोनों के बीच में जोरदार हंगामा हुआ।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने एक अभिनेता संजय कुमार कुशवाहा को जेल में डाल दिया था। इसी दौरान उनका ग्रामीण और ग्रामीण विरोध सड़क पर उतरा। देखते ही देखते विरोध उग्र हो गया और आतंकवादियों ने पुलिस वाहनों को घेर लिया। ऐसे बन गए कि सिपाही को अपनी गाड़ी की मशीन पर किसी तरह का जान बचाकर भागना चाहिए। गुस्साए लोगों ने पुलिस गाड़ियों को घोड़ों की दुकान में बंद कर दिया और करीब तीन घंटे तक घेरकर रखा।
इस दौरान दूसरी पुलिस टीम जब मौसायी पर पहुंची तो उसे भी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में कई सुरक्षा बलों सहित रेड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की स्थापना की गई है।
घटना में संजय की मां पानमति कुवंर गंभीर रूप से घायल हो गईं, इलाज के लिए जीएन में खराबी चल रही है। अभियुक्त का आरोप है कि पुलिस वाहन की टक्कर से वह घायल हो गया। वहीं, संजय कुशवाहा पर पुलिस पर गाज और गिरवी रखने का आरोप है। उनका कहना है कि पुलिस ने बिना किसी सबूत के घर में घुसकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि टीम ने गाँव पर छापा मारने की कोशिश की, लेकिन आम आदमी पार्टी के लोगों ने इसका विरोध करते हुए सांस्कृतिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू कर दिए। इसी तरह- कलाकार में महिला घायल हुई.
घटना के बाद इलाके में तनाव पैदा हो गया है. सदर साजो-सामान, विवेकाधीन विभाग, साक्षत्कार मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने निर्देश दिया है कि पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
