बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज में एक शादी समारोह उस वक्त अफरा-तफरी में बदल गया, जब पुलिस ने अचानक मैरिज हॉल में छापा मारकर कार्यक्रम को रोक दिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब शिवा मैरिज हॉल में शादी की तैयारियां चल रही थीं। पुलिस ने मौके से दूल्हे समेत कुल 16 लोगों को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यहां एक नाबालिग लड़की की शादी कराई जा रही है। इसी आधार पर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मैरिज हॉल पर छापा मारा। मौके पर शादी की तैयारियां जारी थीं, लेकिन पुलिस ने हस्तक्षेप कर पूरे कार्यक्रम को रुकवा दिया। इस दौरान नकदी और गहने भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दूल्हा पक्ष मध्य प्रदेश (MP) के रतलाम जिले से बारात लेकर बिक्रमगंज पहुंचा था। बताया जा रहा है कि रतलाम के बड़ामदा थाना क्षेत्र के बेलादड़ी निवासी शंकर लाल चौहान अपने बेटे कमल चौहान की शादी के लिए यहां आए थे। उनके साथ कई रिश्तेदार और परिचित भी मौजूद थे। वहीं, दुल्हन पक्ष के लोग बिहार के बक्सर और रोहतास जिले के विभिन्न गांवों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
छापेमारी के दौरान दोनों पक्षों के लोगों ने पुलिस को अलग-अलग बयान दिए, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। दूल्हा पक्ष ने दावा किया कि वे केवल घूमने के लिए यहां आए थे, जबकि दुल्हन के पिता ने कहा कि वे सिर्फ लड़का देखने पहुंचे थे और शादी की कोई योजना नहीं थी।
हालांकि, मैरिज हॉल की बुकिंग और मौके पर मौजूद गहनों व नकदी ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए। साथ ही, दुल्हन के पिता ने यह भी स्वीकार किया कि उनकी बेटी नाबालिग है, जिसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की।
रोहतास के एसपी रोशन कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई है। फिलहाल सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है और लड़की की सुरक्षा सुनिश्चित कर ली गई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
