राजधानी पटना में एक बार फिर पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की घटना सामने आई है। फतुहा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में पुलिस की जवाबी फायरिंग से एक अपराधी घायल हो गया। मौके से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और 1200 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से किसी बड़ी आपराधिक घटना को टाल दिया गया।

दरअसल, पटना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फतुहा इलाके में एक अंतरजिला अपराधी गिरोह अवैध हथियारों और कारतूसों की बड़ी सप्लाई की डील करने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा के निर्देश पर तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की।

पुलिस के अनुसार, जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, अपराधियों ने भागने की कोशिश की। जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग करने की कोशिश की। इस स्थिति में पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक अपराधी के पैर में गोली लग गई। घायल अपराधी को तुरंत हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घायल अपराधी छपरा जिले का रहने वाला है। उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।

घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली। यहां से लगभग 1200 से अधिक अवैध जिंदा कारतूस और कुछ आग्नेयास्त्र बरामद किए गए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में कारतूसों की बरामदगी से यह आशंका जताई जा रही है कि गिरोह किसी बड़े अपराध की साजिश रच रहा था।

पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि घायल अपराधी पुलिस हिरासत में है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियारों की सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है।

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