बिहार के सीतामढ़ी जिले के सुप्पी थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। ससौला चौक के पास से दो युवकों को पुलिस द्वारा उठाकर थाने ले जाने और रातभर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल बना हुआ है और लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, जयप्रकाश सिंह और गोपाल कुमार सिंह नामक दो युवक फिल्म “Dhurandhar 2” देखकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुप्पी थाना प्रभारी संजीत कुमार ने उन्हें रोका और कथित तौर पर बिना किसी ठोस कारण के डंडों से पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि इसके बाद दोनों युवकों को थाने ले जाया गया, जहां पूरी रात उनकी बेरहमी से पिटाई की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों युवक लगातार चीखते-चिल्लाते रहे और रहम की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनकी एक नहीं सुनी। पीड़ितों के शरीर पर डंडों के कई निशान पाए गए हैं, वहीं जयप्रकाश सिंह के नितंब पर भी गहरे जख्म होने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि घायल जयप्रकाश सिंह, पैक्स अध्यक्ष बजरंगी सिंह के पुत्र हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग जुट गए। स्थिति तब शांत हुई जब एक स्थानीय नेता के हस्तक्षेप के बाद युवक को पुलिस के कब्जे से छुड़ाया गया।
गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। इस घटना के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या अब कानून के रखवाले ही कानून तोड़ने लगे हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना ने जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
