भागलपुर। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भागलपुर के हवाई अड्डा मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित किया। मैदान में लोगों का उत्साह चरम पर था — चारों ओर “मोदी-मोदी” के नारे गूंज रहे थे। मंच पर प्रधानमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, अश्विनी चौबे, सैयद शाहनवाज हुसैन, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और एनडीए गठबंधन के सभी प्रत्याशी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत बिहार की जनता को नमस्कार करते हुए की। उन्होंने कहा कि **“2005 से पहले बिहार की पहचान कट्टा, क्रूरता और कुशासन से थी, लेकिन नीतीश कुमार ने राज्य को जंगलराज से निकालकर विकास की राह पर लाया।”** मोदी ने कहा कि जंगलराज वाले खुद को शहंशाह समझते थे, लेकिन अब जनता समझ चुकी है कि बिहार को आगे बढ़ाने वाला केवल डबल इंजन की सरकार ही है।
उन्होंने कहा कि भागलपुर दंगा कांग्रेस के कुशासन का प्रतीक था। “कांग्रेस और राजद ने बिहार को अंधकार में धकेला, रोजगार छीन लिया और युवाओं को पलायन के लिए मजबूर किया,” प्रधानमंत्री ने कहा। उन्होंने जनता से अपील की कि “अगर बिहार को फिर से पिछड़ेपन में नहीं लौटाना है, तो एनडीए प्रत्याशियों को भारी मतों से विजयी बनाइए।”
प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला, आयुष्मान भारत और हर घर जल जैसी योजनाओं ने करोड़ों गरीब परिवारों को राहत दी है। किसानों को सशक्त करने के लिए रिकॉर्ड राशि उनके खातों में भेजी गई है, वहीं युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मोदी ने कहा कि आज बिहार में बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास का जो सिलसिला शुरू हुआ है, उसे रुकने नहीं देना है। बिहार का उज्जवल भविष्य सिर्फ एनडीए की सरकार से संभव है।”
सभा के दौरान प्रधानमंत्री के हर वाक्य पर भीड़ ने जोरदार तालियों से स्वागत किया। मैदान में उमड़ी भारी भीड़ ने साबित कर दिया कि लोगों का विश्वास अब भी प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए के नेतृत्व में अटल है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
