झारखंड के खूंटी जिले से एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां रसोई गैस की भारी किल्लत ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए कि गैस सिलेंडर पाने के लिए उपभोक्ताओं को पूरी रात सड़क किनारे लाइन में बितानी पड़ी।
जिले के अनिगड़ा स्थित बिरसा गैस एजेंसी के बाहर गुरुवार को लंबी कतारें देखने को मिलीं, लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि लोग बुधवार रात से ही अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए लाइन में लग गए थे। कई लोगों ने तो सड़क किनारे ही मच्छरदानी लगाकर रात गुजारी, ताकि सुबह उन्हें सिलेंडर मिल सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रामनवमी के बाद कई दिनों तक गैस की सप्लाई बाधित रही थी। इस वजह से जैसे ही सिलेंडर मिलने की सूचना मिली, उपभोक्ताओं की भीड़ अचानक बढ़ गई। हालात यह हो गए कि आधी रात से ही लोग एजेंसी के बाहर पहुंचने लगे और धीरे-धीरे यह भीड़ लंबी कतार में बदल गई।
एक महिला उपभोक्ता ने बताया कि वह देर रात ही आकर लाइन में लग गई और वहीं मच्छरदानी लगाकर सो गई, ताकि सुबह उसका नंबर न छूटे। इसी तरह कई अन्य लोग भी रात भर सड़क किनारे डटे रहे।
खूंटी की एसडीएम ने भी इस स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा कि मांग ज्यादा होने के कारण लोगों को रात में लाइन लगानी पड़ी। गुरुवार सुबह प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया।
हालांकि, गैस सिलेंडर की सीमित उपलब्धता के कारण यह व्यवस्था भी पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। आधे से ज्यादा लोगों को बिना सिलेंडर लिए ही निराश होकर घर लौटना पड़ा।
यह घटना न केवल आपूर्ति व्यवस्था की कमी को उजागर करती है, बल्कि आम लोगों की परेशानियों को भी सामने लाती है। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक लोगों को बुनियादी जरूरतों के लिए इस तरह संघर्ष करना पड़ेगा।
