19 मार्च 2026 को उप स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर की लापरवाही एक बार फिर सामने आई, जब दवा लेने पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह 10:30 बजे एक मरीज दवा लेने केंद्र पहुंचा, लेकिन उस समय केंद्र बंद मिला। इसके बाद मरीज दोपहर 2:15 बजे दोबारा केंद्र पहुंचा, फिर भी स्थिति वही रही और केंद्र बंद पाया गया।

स्वास्थ्य केंद्र के लगातार बंद रहने से मरीजों में आक्रोश और निराशा देखने को मिली। मजबूरी में मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्र की नियमित निगरानी की जाए और जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई हो। उनका कहना है कि ऐसे केंद्रों का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ती व समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन जब केंद्र ही बंद रहेगा तो इसका कोई लाभ नहीं मिल पाएगा।
