नई दिल्ली: देश की लॉजिस्टिक्स और कूरियर सेवाओं को तेजी से और आधुनिक बनाने की दिशा में भारतीय डाक विभाग एक बड़ा कदम उठा रहा है। केंद्र सरकार मंगलवार, 17 मार्च को अपनी नई प्रीमियम एक्सप्रेस सेवा ’24 स्पीड पोस्ट’ लॉन्च करने जा रही है। इस सेवा के शुरू होने के बाद अब आवश्यक दस्तावेज और मूल्य निर्धारण उपकरण 24 घंटे के भीतर गंतव्य तक पहुंच जाएंगे।
संचार मंत्रालय के अनुसार, इस सेवा का आधिकारिक उद्घाटन केंद्रीय संचार मंत्रालय फ़ोर्स्टी एम. शिक्षा एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी रहेंगे. लॉन्चिंग कार्यक्रम मंगलवार दोपहर 12:30 बजे नई दिल्ली के आकाशवाणी भवन स्थित रंग भवन स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस दौरान डाक विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
पहले चरण में यह नई प्रीमियम सेवा देश के छह बड़े महानगरों- दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बैंगलोर और हैदराबाद में शुरू की जाएगी। सरकार की योजना है कि अगले चरण में इसका विस्तार अन्य बड़े शहरों और राज्यों की राजधानियों तक किया जाए, ताकि इंटरनेट पर तेजी से स्टार्टअप नेटवर्क तैयार हो सके।
’24 स्पीड पोस्ट’ सेवा की सबसे खास बात यह है कि रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन भी स्टार्स की दुकान की जाएगी। डाक विभाग के इतिहास में यह पहली बार होगा जब रविवार को भी नियमित शुरूआत होगी। हालांकि 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर को तीन राष्ट्रीय छुट्टियां खत्म हो जाएंगी, लेकिन सेवा वर्ष के बाकी 362 दिन तक जारी रहेंगे।
सुरक्षा और सलाह को ध्यान में रखते हुए मसाले की दुकान ओटीपी वेर फ्रेंडशिप के बाद ही की जाएगी। इसके साथ ही इंटरनेट पर हर चरण की जानकारी एसएमएस और एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी सिस्टम के माध्यम से उपलब्ध रहेगी। अगर तय समय सीमा के अंदर स्ट्रैटेजी की स्टाट्रिक नहीं हो, तो उद्देश्य को मनी-बैक मस्जिद के अंडरस्टैंडिंग आतंकवादी भी दिया जाएगा।
कंपनी और ई-कॉमर्स कंपनी की इस सेवा के लिए भी कई आधुनिक सेवाएं दी गई हैं। इनमें ‘बायो नाउ पे लेटर’ (बीएनपीएल), फ्री बल्क म्यूजिक और सॉफ्टवेयर से सीधे जुड़ने के लिए एपीआई इंटीग्रेशन रियाद शामिल हैं।
यह पूरी तरह से प्रारंभिक एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी (एपीटी) 2.0 प्रोजेक्ट का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य इंडिया पोस्ट को एक आधुनिक, तेजतर्रार और सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में बदलना है। नई सेवा से जहां आम लोगों को बड़ी सुविधा मिलती है, वहीं निजी कूरियर कंपनियों को भी कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।
