बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। सांसद पप्पू यादव के एक तीखे और विवादित बयान के कुछ ही घंटों बाद पटना पुलिस की टीम शुक्रवार, 06 फरवरी 2026 की देर रात उनके पटना स्थित आवास पर पहुंची और एक पुराने मामले में उन्हें गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। इस पूरी कार्रवाई को लेकर न सिर्फ मौके पर हंगामा हुआ, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी सवालों की बौछार शुरू हो गई है।
दरअसल, पप्पू यादव ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए बेहद तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि “सम्राट बाबू, बाढ़ के एक पूर्व विधायक के बेटे का सेक्स स्कैंडल सामने आया था, क्या आप गिरफ्तार कर पाए? रुपेश के मर्डर में आपने न्याय कर दिया? अगर है हिम्मत तो न्याय कर दीजिए।” उन्होंने आगे धनंजय सिंह के बेटे पर सीनियर एसपी पर गोली चलाने के आरोप का जिक्र करते हुए गिरफ्तारी की चुनौती दी थी। पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा था—“खोदा पहाड़ निकली चुहिया… एक चींटी भी आपसे नहीं पकड़ाती।”
इसी बयान के बाद देर रात पुलिस की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए। पप्पू यादव ने शुरुआत में पुलिस के साथ जाने से इनकार कर दिया और कहा कि आधी रात में गिरफ्तारी कानून के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस वारंट नहीं बल्कि कुर्की का आदेश लेकर आई थी। मौके पर समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लगातार दो ट्वीट किए। उन्होंने लिखा कि युवा उद्यमी सूरज बिहारी की हत्या के बावजूद बिहार पुलिस एक भी हत्यारे को पकड़ नहीं पाई, और इसी सदमे में सूरज के पिता उद्यमी जवाहर यादव का देहांत हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि “हत्यारों की आरती उतारने वाली बिहार पुलिस मुझे गिरफ्तार करने पांच थानों की फोर्स लेकर पहुंची है। हम आतंकवादी हैं, करो अरेस्ट।”
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की कानून-व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। फिलहाल पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में नया सियासी भूचाल ला दिया है।
