सहरसा जिले के पंचगछिया रेलवे स्टेशन पर हाल ही में रंगरोगन और सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो गया है। इसे स्थानीय लोगों की आवाज और मीडिया में उठी खबरों का असर माना जा रहा है। हालांकि, स्टेशन की सूरत बदलने की यह पहल अभी अधूरी नजर आ रही है, क्योंकि यहां बुनियादी सुविधाओं का अब भी भारी अभाव है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि केवल रंगरोगन से स्थिति में सुधार नहीं होगा, जब तक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस स्टेशन पर सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव नहीं है, जिससे यात्रियों को दूर-दराज के स्टेशनों तक जाना पड़ता है और उन्हें अतिरिक्त समय व खर्च उठाना पड़ता है।
वहीं, स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज की व्यवस्था नहीं होने से लोग मजबूरी में पटरियों को पार करते हैं, जिससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां नहीं हैं, और न ही धूप या बारिश से बचने के लिए पर्याप्त शेड की व्यवस्था है।
इसके अलावा, स्टेशन पर शौचालय की सुविधा का अभाव भी बड़ी समस्या बना हुआ है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब है, क्योंकि कचरा प्रबंधन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। स्टेशन परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है।
यात्रियों ने यह भी बताया कि टिकट काउंटर पर अक्सर कर्मचारी मौजूद नहीं रहते, जिससे टिकट लेने में परेशानी होती है और कई बार यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने का जोखिम उठाना पड़ता है।
इन सभी समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने भारतीय रेल और रेल मंत्री से मांग की है कि पंचगछिया रेलवे स्टेशन पर जल्द से जल्द सभी बुनियादी सुविधाएं बहाल की जाएं और प्रमुख ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्टेशन केवल दिखावे तक ही सीमित रह जाएगा, जबकि यात्रियों की परेशानी जस की तस बनी रहेगी।
