भागलपुर (नारायणपुर प्रखंड):
भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत मधुरापुर ग्राम के वार्ड नंबर 7 में स्थित श्री श्री 108 राम वन हनुमान मंदिर की पहली वर्षगांठ के शुभ अवसर पर एक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में ग्रामवासियों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ हिस्सा लिया। पूरे गांव में शोभा यात्रा के दौरान भक्ति भाव की अनुपम छटा देखने को मिली।
इस मौके पर गांव की महिलाओं और बालिकाओं ने सिर पर कलश धारण कर पूरे ग्राम में भक्ति यात्रा निकाली। कलश यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन और भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा। भक्ति और श्रद्धा के इस माहौल ने गांव में एक आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया।
पहली वर्षगांठ पर ग्रामवासियों का उत्साह चरम पर
मंदिर की पहली वर्षगांठ को लेकर मधुरापुर ग्रामवासियों में उत्साह और उल्लास देखने लायक था। पूरे गांव को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और झालरों से सजाया गया था। वहीं, रास्तों पर रंगोली और तोरण द्वार बनाए गए थे, जिससे वातावरण पूरी तरह से भक्ति मय हो गया था।
मंदिर की वर्षगांठ को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक एकता और सौहार्द के प्रतीक के रूप में भी मनाया गया। ग्रामवासियों ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए एकजुटता और समर्पण का परिचय दिया।
पंडित मनोज मिश्र ने दी जानकारी
मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि 20 फरवरी 2024 को श्री श्री 108 राम वन हनुमान मंदिर का पहला स्थापना दिवस है। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर पूरे मधुरापुर गांव के लोग आस्था और उल्लास के साथ इस पर्व को मना रहे हैं। पंडित मिश्र ने बताया कि मंदिर की स्थापना पिछले वर्ष भक्ति और श्रद्धा के साथ की गई थी और आज एक वर्ष पूरा होने पर यह आयोजन आयोजित किया जा रहा है।
48 घंटे का अखंड रामधुन संकीर्तन
वर्षगांठ के अवसर पर 20 फरवरी की संध्या 4:00 बजे से 22 फरवरी 2025 तक यानी 48 घंटे के अखंड रामधुन संकीर्तन का आयोजन किया गया है। संकीर्तन के दौरान “श्रीराम जय राम जय जय राम” की धुन से वातावरण भक्तिमय हो गया। भक्तजन पूरे 48 घंटे तक राम नाम के संकीर्तन में लीन रहेंगे।
पंडित मनोज मिश्र ने यह भी बताया कि यदि भगवान की इच्छा रही, तो इस संकीर्तन का आयोजन आगे भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रामधुन के इस आयोजन से न केवल भक्तों के मन को शांति मिलेगी, बल्कि पूरे गांव में सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रसार होगा।
शोभा यात्रा की झलकियां
शोभा यात्रा सुबह पूजा-पाठ के बाद शुरू हुई। यात्रा में शामिल महिलाओं और युवतियों ने रंग-बिरंगे पारंपरिक वस्त्र पहनकर और सिर पर पवित्र कलश धारण कर पूरे गांव का भ्रमण किया। यात्रा में भजन मंडली द्वारा भगवान श्रीराम और हनुमान जी के भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिसने भक्तों का मन मोह लिया।
बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी इस यात्रा का हिस्सा बने और पूरे गांव में एक धार्मिक माहौल बन गया। जगह-जगह लोगों ने फूलों की वर्षा कर शोभा यात्रा का स्वागत किया। भक्ति गीतों, शंखनाद और ढोल-नगाड़ों की धुन से पूरा मधुरापुर गांव गूंज उठा।
धार्मिक कार्यक्रमों की शृंखला
मंदिर की वर्षगांठ के अवसर पर केवल शोभा यात्रा और रामधुन संकीर्तन ही नहीं, बल्कि अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इनमें हवन, पूजन, कथा वाचन और प्रवचन जैसे कार्यक्रम शामिल थे। हवन और पूजन के दौरान गांव की महिलाओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वातावरण को पवित्र बना दिया।
सामाजिक सौहार्द का प्रतीक
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि इसने गांव में सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल भी पेश की। आयोजन समिति के सदस्य राजेश मंडल ने कहा, “मंदिर की स्थापना से गांव में आपसी प्रेम और सौहार्द बढ़ा है। पहली वर्षगांठ का यह आयोजन हमें एक साथ मिलकर त्योहार और पर्व मनाने की प्रेरणा देता है।”
भक्तों के लिए विशेष भंडारे का आयोजन
रामधुन संकीर्तन के समापन के अवसर पर विशेष भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तजन प्रसाद ग्रहण करेंगे। भंडारे के लिए गांव की महिलाओं और युवाओं ने मिलकर तैयारियां की हैं। भोजन में खिचड़ी, सब्जी, पूड़ी, हलवा और अन्य व्यंजन परोसे जाएंगे।
ग्रामवासियों की सहभागिता
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में ग्रामवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गांव के युवाओं ने शोभा यात्रा की व्यवस्था से लेकर भंडारे की तैयारियों तक हर कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं, बुजुर्गों ने अपने अनुभव साझा करते हुए धार्मिक आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला।
भविष्य की योजनाएं
मंदिर समिति ने घोषणा की कि आने वाले वर्षों में मंदिर परिसर में और भी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। समिति का उद्देश्य मंदिर को न केवल पूजा स्थल के रूप में विकसित करना है, बल्कि इसे सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनाना भी है।
निष्कर्ष
श्री श्री 108 राम वन हनुमान मंदिर की पहली वर्षगांठ पर आयोजित शोभा यात्रा और 48 घंटे के अखंड रामधुन संकीर्तन ने मधुरापुर ग्राम को भक्ति के रंग में रंग दिया। इस आयोजन ने दिखा दिया कि जब पूरा समाज एकजुट होकर किसी धार्मिक आयोजन में भाग लेता है, तो वह केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बन जाता है।
भविष्य में भी इस तरह के धार्मिक आयोजनों से गांव में भाईचारे, प्रेम और सद्भावना बनी रहेगी, यही सभी ग्रामवासियों की आशा है।
