बिहार में राजस्व प्रशासन से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 69 राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने इन सभी अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए 13 अप्रैल 2026 तक जवाब देने का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, ये सभी अधिकारी 69वीं बीपीएससी बैच के परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी (आरओ) हैं, जो राज्य के 24 जिलों में कार्यरत हैं। इनमें गया जिले में सबसे अधिक 8 अधिकारी, रोहतास में 7 और मधुबनी में 5 अधिकारी शामिल हैं, जबकि अन्य जिलों में भी इनकी तैनाती है।
विभाग के अनुसार, इन अधिकारियों ने सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन अवकाश ले लिया, जिसे सरकार ने अवैध करार दिया है। खास बात यह है कि 25 मार्च 2026 की शाम 5 बजे तक भी ये अधिकारी अपने-अपने पदों पर वापस नहीं लौटे। इसी कारण विभाग ने इस अवधि को ‘डाइज नॉन’ घोषित कर दिया है, यानी यह समय उनकी सेवा अवधि में नहीं जोड़ा जाएगा और इसके लिए उन्हें वेतन भी नहीं मिलेगा।
उपसचिव संजय कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में अधिकारियों से स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी सहित कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। विभाग ने इसे बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1976 के नियम 3(1) का उल्लंघन और सरकारी आदेशों की सीधी अवहेलना माना है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित तिथि यानी 13 अप्रैल तक अधिकारियों की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता है, तो यह मान लिया जाएगा कि उन्हें कुछ नहीं कहना है। इसके बाद विभाग एकतरफा कार्रवाई करते हुए सख्त कदम उठा सकता है।
इस पूरे मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है और अब सबकी नजर 13 अप्रैल की समयसीमा पर टिकी हुई है, जब इन अधिकारियों का भविष्य तय हो सकता है।
