बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री आज से अपने अहम दिल्ली दौरे पर निकल रहे हैं, जिसे राज्य में नई सरकार के गठन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, वे आज दोपहर 1:20 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 10 अप्रैल को वे राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इससे पहले 16 मार्च को वे राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और 30 मार्च को उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
इस दौरे के दौरान दिल्ली में जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है, जिसमें बिहार की नई सरकार के गठन को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। खास तौर पर बीजेपी के साथ संभावित तालमेल और सत्ता साझेदारी के मुद्दों पर चर्चा होगी।
इसी बीच मुख्यमंत्री के बेटे को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि वे अब सक्रिय राजनीति में कदम रख चुके हैं और पार्टी के भीतर उनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इतना ही नहीं, जेडीयू की ओर से यह भी मांग रखी जा रही है कि उन्हें गृह विभाग जैसा अहम मंत्रालय दिया जाए।
जेडीयू नेताओं की ओर से विधानसभा अध्यक्ष पद की मांग भी उठाई जा रही है, जिससे सत्ता में पार्टी की मजबूत हिस्सेदारी सुनिश्चित हो सके। हालांकि, यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार मुख्यमंत्री पद बीजेपी के पास जाएगा।
दिल्ली में होने वाली बैठक में जेडीयू के कई बड़े नेता शामिल होंगे, जिनमें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष , केंद्रीय मंत्री , जल संसाधन मंत्री समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
यह बैठक आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकती है, खासकर सत्ता संतुलन और नेतृत्व को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
