नेपाल की नई स्वास्थ्य एवं विपणन मंत्री निशा मेहता इन दिनों चर्चा में हैं। उनकी पहचान सिर्फ एक मंत्री के रूप में नहीं है, बल्कि बिहार से गरीबी की वजह से भी हो रही है। निशा का बचपन बिहार के सुपौल जिले में अपने ननिहाल बीता में था, जहां स्थानीय लोगों में मनोविज्ञान का हौसला देखा जा रहा है।

निशा मेहता का जन्म 7 अगस्त 1987 को नेपाल के सुनहरी जिले के इनारावा में हुआ था, लेकिन उनका बचपन सुपौल के सरायगढ़ क्षेत्र दाहुपट्टी गांव बीता में स्थित था। उनकी माँ डॉ. प्रामाणिक छात्र हैं कि निशा बचपन से ही पढ़ाई में तेज थी और जब भी ननिहाल आती थी, अपने साथ किताब-कॉपी जरूर लाती थी। यहां भी वे नियमित पढ़ाई करते हैं।

उनकी सफलता से ननिहाल में खुशी का प्रतीक है। समूह और गांव के लोग जश्न मना रहे हैं और उन्हें बधाई दे रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में नेपाल के स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

निशा की मां विमला मेहता बिहार के सुपौल में रहने वाली हैं, जबकि पिता तेज नारायण मेहता नेपाल में शिक्षक रह रहे हैं। निशा ने अपनी उच्च शिक्षा भारत में पूरी की। उन्होंने दिल्ली एम्स नर्सिंग कॉलेज में बी.एस.सी. से मास्टर डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने नेपाल के विभिन्न स्वास्थ्य शास्त्रियों में धार्मिक शास्त्र लिखे।

निशा मेहता नेपाल की पहली नर्स हैं, जो स्वास्थ्य मंत्री बनी हुई हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा नेशनल इंडिपेंडेंट पार्टी से जुड़कर शुरू हुई और 2026 के चुनाव में जीत के बाद उन्हें नागरिकता में जगह मिल गई।

खास बात यह भी है कि नेपाल के प्रधानमंत्री बलेन शाह का भी बिहार से पुराना रिश्ता है। ऐसे में भारत-नेपाल के ‘बेटी-रोटी’ रिश्ते को यह नई पहचान और पहचान देता है।

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