भारतीय मुक्केबाज़ निकहत जरीन ने विमेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में थाईलैंड की जितपोंग जुतामस को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. उन्होंने 52 किलोग्राम भार वर्ग में थाईलैंड की खिलाड़ी को 5-0 से मात दी. उन्होंने अपनी बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है. इसके साथ वो इस संस्करण में गोल्ड जीतने वाले पहली भारतीय महिला मुक्केबाज हो गई है. इसके साथ ही उन्होंने अपना नाम एक ख़ास लिस्ट में भी लिखवा लिया है.
वो वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले भारत की पांचवीं महिला मुक्केबाज़ बन गए हैं. उनसे पहले एमसी मैरीकॉम सरिता देवू, जेनी आरएल और लेखा सीऐसी ने भी ये कारनामा किया है. इस मुकाबले में निकहत ने पहले धीमी शुरुआत की थी. वो लगातार थाईलैंड के खिलाड़ी से दूरी बना रही थी. हालांकि इस राउंड में एक बार वो थाईलैंड के खिलाड़ी जितपोंग जुतामस से लड़ भी गई थी. हालांकि दूसरे राउंड में थाईलैंड के खिलाड़ी ने वापसी की और इस राउंड में थाईलैंड की खिलाड़ी ने निकहत से ज्यादा अंक हासिल किये.
वहीं, तीसरे राउंड में निकहत जरीन ने चतुराई के साथ अंक हासिल किये. जहां जितपोंग जुतामस ने पंच लगाकर अंक हासिल करने की कोशिश की. लेकिन निकहत जरीन बार-बार उनसे बचती रही. हालाँकि इस दौरान वो भी चालाकी से अंक हासिल करती रही.
वहीं, इससे पहले उन्होंने 52 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल मैच में ब्राजील की कैरोलिन डि एलमेडा को 5-0 से मात दी थी. वहीं, निकहत के अलावा दो अन्य मुक्कबाजों ने कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा था. मनीषा मौन (57 किग्रा) और अपना डेब्यू कर रही परवीन हुड्डा (63 किग्रा) को कांस्य पदक मिला था.
