अक्सर सीमा विवाद यानी जूरिस्डिक्शन के कारण पुलिस कार्रवाई से बचती नजर आती है, लेकिन मुजफ्फरपुर में एक दरोगा ने इस धारणा को तोड़ते हुए कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। ग्रामीण इलाके में सार्वजनिक सड़क पर शालीनता की मर्यादा लांघ रहे बाइक सवार युवकों और एक नाबालिग युवती को दरोगा ने बीच रास्ते में रोककर सख्त चेतावनी दी।
घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक और एक नाबालिग युवती सड़क पर आपत्तिजनक हरकतें करते हुए जा रहे थे। आसपास मौजूद राहगीरों को यह दृश्य असहज कर रहा था। उसी दौरान वहां से गुजर रहे दरोगा की नजर इन पर पड़ी। युवकों की बेपरवाही और सार्वजनिक स्थान पर अभद्र व्यवहार को देखते हुए उन्होंने तुरंत बाइक रुकवाकर पूछताछ शुरू की।
शुरुआत में युवकों ने खुद को निर्दोष बताते हुए आपसी रिश्तेदारी का हवाला दिया, लेकिन सख्त पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। पता चला कि युवक और नाबालिग की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। युवक करजा थाना क्षेत्र का निवासी है, जबकि युवती मनियारी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
दरोगा ने तीनों को सार्वजनिक स्थान पर अशोभनीय व्यवहार और नाबालिग की सुरक्षा से जुड़े गंभीर पहलुओं पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रेम-प्रसंग के नाम पर कानून और सामाजिक मर्यादा का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की हरकत दोहराई गई तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सख्त हिदायत देकर तीनों को उनके परिजनों के सुपुर्द करने का निर्देश दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने दरोगा की तत्परता और जिम्मेदारी की सराहना की। घटना ने यह संदेश दिया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की सजगता और त्वरित कार्रवाई ही सबसे बड़ी ताकत है।
