बिहार के मुजफ्फरपुर डकैती से बड़ी खबर सामने आई है, जहां गायघाट थाना क्षेत्र में हुई गोलीबारी और एक व्यक्ति की मौत के मामले में पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में राजा सिंह सहित पूरी पुलिस टीम को निलंबित कर दिया गया है।
17 मार्च 2026 की रात गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया गांव में पुलिस के बीच लाठीचार्ज और पुलिस के बीच हिंसक अपराधी हो गए थे। इस दौरान 55 साल के जगवीर राय की गोली से मृत्यु हो गई। मृतक के बेटे अविनाश कुमार ने आरोप लगाया कि उनके पिता ने गोदाम में गोलियाँ मारीं।
घटना के बाद मामले की जांच टीम में शामिल हो गए। जांच में पाया गया कि ऑब्जेक्ट के दौरान पुलिस ने सही निर्णय नहीं लिया और कई स्तरों पर गंभीर चूक हुई, जिसके कारण यह घटना घटी।
विशेषज्ञ कांतेश कुमार मिश्रा ने साफ किया कि मृतक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, इसलिए इस घटना को पुलिस अंजाम नहीं दे सकती। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम 2023 के एक पॉक्सो मामले में वारंट के निष्पादन के लिए वहां गई थी।
पीड़ित पक्ष की याचिका के आधार पर साज़िश के खिलाफ दर्ज की गई जानकारी का पैड हटा दिया गया है। इसके साथ ही सब-इंस्पेक्टर मनीष कुमार, पीटीसी रंजन कुमार, महिला काउंसिलर प्रिंसेस कुमारी, ड्राइवर काउंसिलर ओम प्रकाश और स्टूडेंट प्रहलाद कुमार भी शामिल हैं। वहीं, इस ऑपरेशन में आम लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की घोषणा की गई है।
यहां विपक्ष के नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में घुसकर गोली मारी और अब तक किसी का आपराधिक मामला नहीं हुआ है। उन्होंने मानवाधिकार आयोग तक ले जाने की बात कही है।
अवलोकन, इस कार्रवाई से पुलिस स्टॉक में शामिल है और इसे प्लास्टिक तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
