महिलाओं को सुरक्षा देने का दावा करने वाली बिहार पुलिस का दामन ही दागदार निकला. खगड़िया के महेशखूंट थाने में पदस्थापित एक महिला सिपाही के साथ थाने के मुंशी ने रात में छेड़छाड़ की कोशिश की. वरीय अधिकारी इसे दोनों के बीच विवाद बता रहे हैं और दोनो पर FIR भी दर्ज हुआ है. बिहार के खगड़िया में महिला सिपाही से छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश का मामला सामने आया है. जिले के महेशखूंट थाना में पदस्थापित एक महिला सिपाही के साथ थाना के मुंशी ने छेड़खानी और जबरन बालात्कार करने के प्रयास का मामला सामने आया है. महिला सिपाही ने अपने परिवार को बुलाकर पूरी घटना की जानकारी दी और छेड़खानी करनेवाले मुंशी की पिटाई कर दिया. मामला सामने आने पर एसपी अमितेश कुमार के आदेश पर महेशखूंट थाना के मुंशी अनुज कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. पूरे मामले की जांच का जिम्मा गोगरी एसडीपीओ को सौंपा गया है.
‘कमरे में सो रही थी और 4 बजे सुबह के आसपास मुंशी मेरे कमरे में घुसकर जबरन छेड़छाड़ करने लगा, जिसका विरोध किया और चिल्लाने लगी. मेरी आवाज सुनकर सभी लोग आए, जिसके बाद मुंशी वहां से भाग गया.’ – पीड़ित महिला सिपाही
महिला सिपाही से छेड़छाड़: छेड़खानी के बाद थाना में घंटों महिला सिपाही ने हंगामा किया और पूरे मामले की जानकारी खगड़िया एसपी को दी. पुलिस अधीक्षक ने थाना के मुंशी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया और पूरे मामले की जांच करने के लिए गोगरी एसडीपीओ को निर्देश दिया. वहीं, महिला सिपाही के ऊपर भी मुंशी के द्वारा मारपीट का मामला दर्ज कराया गया है. खगड़िया हेडक्वार्टर डीएसपी रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि- ‘महिला सिपाही के आवेदन पर मामला दर्ज कर मुंशी को गिरफ्तार कर लिया गया है. साथ ही महिला सिपाही पर भी मुंशी ने मारपीट का मामला दर्ज कराया है. पूरे मामले की जांच की जा रही है.’
मुंशी पर मामला दर्ज: पुलिस जनता की सेवक है, लेकिन जब महिला सिपाही ही थाने में सुरक्षित नहीं हैं तो ऐसे में सूबे में महिला सुरक्षा की बात करना बेमानी है. बहरहाल, वरीय अधिकारी भले ही इस मामले की जांच की बात कह कर निपटाने का प्रयास करें, लेकिन हकीकत यही है कि इस घटना ने बिहार पुलिस के दामन को ही दागदार बना दिया है.
