भागलपुर के भोलसर एकचारी स्थित मां शारदे क्लब की ओर से प्रतिभा खोज परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा 6 से 10 तक के 500 से अधिक छात्र–छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। परीक्षा का आयोजन बाल विद्या निकुंज परिसर में किया गया, जहां सुबह से ही परीक्षार्थियों की भीड़ देखने को मिली। बच्चों में परीक्षा को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों का प्रवेश निर्धारित समय पर शुरू हुआ। सभी कक्षाओं के लिए अलग–अलग प्रश्न पत्र तैयार किए गए थे, ताकि छात्रों की शैक्षणिक क्षमता का सही मूल्यांकन किया जा सके। आयोजकों के अनुसार इस परीक्षा का उद्देश्य क्षेत्र के मेधावी छात्रों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करना है, जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास हो सके।
मां शारदे क्लब की ओर से बताया गया कि प्रतिभा खोज परीक्षा में सफल होने वाले परीक्षार्थियों को सरस्वती पूजा के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। आगामी 24 जनवरी को पश्चिम टोला एकचारी भोलसर स्थित मां शारदे क्लब के मंच पर आयोजित कार्यक्रम में चयनित छात्रों को आकर्षक शील्ड, मेडल और पढ़ाई में उपयोगी उपस्कर प्रदान किए जाएंगे।
परीक्षा को शांतिपूर्ण और ससमय संपन्न कराने के लिए केंद्र पर रौनक कुमार श्रीवास्तव, इंजीनियर कृष्ण कुमार पंडित, मौसम कुमार पंडित, आशीष कुमार श्रीवास्तव, आर्यन राज, गिरजानंद यादव, चंदन यादव, इंजीनियर अमित कुमार पान, अमरेश कुमार तांती सहित बाल विद्या निकुंज के कई शिक्षक और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। सभी ने मिलकर परीक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा।
इस वर्ष मां शारदे क्लब द्वारा सरस्वती पूजा का आयोजन विशेष रूप से चार दिवसीय कार्यक्रम के रूप में किया जाएगा। आयोजन की एक खास विशेषता यह रहेगी कि सफेद बालू पर मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा उकेरी जाएगी, जिसमें विधिवत प्राण प्रतिष्ठा के साथ पूजा–अर्चना की जाएगी।
बालू पर प्रतिमा निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार को आमंत्रित किया गया है। मधुरेंद्र कुमार बिहार सहित देशभर में बालू और पीपल के पत्तों पर अपनी अनूठी कलाकृतियों के लिए पहचान बना चुके हैं। उन्हें देश और विदेशों में कई पुरस्कार मिल चुके हैं। हाल ही में राजगीर महोत्सव में उनकी बालू कलाकृति को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देखकर काफी सराहना की थी। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन शिक्षा, कला और संस्कृति का एक अनूठा संगम होगा।
