भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत लक्ष्मी नारायण हाई स्कूल, मलिकपुर में उस समय असहज स्थिति बन गई, जब पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान समिति गठन के उद्देश्य से विद्यालय पहुंचे, लेकिन मौके पर ग्रामीणों की उपस्थिति नहीं थी। ग्रामीणों के अनुपस्थित रहने पर विधायक ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्रामीणों की भागीदारी के बिना किसी भी समिति का गठन स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य पारदर्शिता और जनभागीदारी है, ऐसे में ग्रामीणों को दरकिनार कर कोई भी निर्णय नहीं लिया जाएगा।

 

विधायक ने इसी कारण निर्धारित बैठक को रद्द कर दिया और निर्देश दिया कि अगली बार सभी ग्रामीणों को विधिवत सूचना देकर बुलाया जाए तथा उनकी उपस्थिति में ही पारदर्शी तरीके से समिति का गठन किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि शिक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की जल्दबाजी या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

बैठक रद्द करने के बाद विधायक मुरारी पासवान ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों से संवाद कर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों, छात्रों की संख्या और शिक्षकों को आ रही समस्याओं की जानकारी ली। शिक्षकों ने भवन, संसाधन और प्रशासनिक समस्याओं से विधायक को अवगत कराया। विधायक ने भरोसा दिलाया कि विद्यालय से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को वे उच्च स्तर पर उठाएंगे और समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।

 

निरीक्षण के क्रम में विधायक स्वयं कक्षा कक्षों में पहुंचे और छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, परीक्षा व्यवस्था और विद्यालय में आने वाली कठिनाइयों के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान विधायक ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, ईमानदारी और अनुशासन पर विशेष जोर दिया।

 

इस मौके पर विधायक मुरारी पासवान ने सभी छात्र-छात्राओं को अपना निजी मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आगामी परीक्षा या किसी भी शैक्षणिक कार्य के बदले कोई शिक्षक या कर्मचारी पैसे की मांग करता है या नंबर बढ़ाने का लालच देता है, तो छात्र बिना किसी भय के गुप्त रूप से उन्हें सूचना दें। विधायक ने भरोसा दिलाया कि शिकायत करने वाले छात्र की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

विधायक ने दो टूक कहा कि बच्चों का भविष्य सर्वोपरि है और शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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