बिहार के सहरसा शहर में ईद-उल-फितर का पावन पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल के बीच बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहर के प्रसिद्ध पोखर बड़ी ईदगाह मैदान में हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्रित हुए और सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की।
सुबह से ही ईदगाह परिसर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नए कपड़े पहनकर और पूरी तैयारी के साथ लोग नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद सभी ने देश और प्रदेश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ मांगी। साथ ही समाज में आपसी भाईचारा और एकता बनी रहे, इसके लिए भी अल्लाह से प्रार्थना की गई।
नमाज के बाद ईदगाह का माहौल बेहद खुशनुमा हो गया, जब लोग एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देने लगे। छोटे-बड़े, अमीर-गरीब सभी ने मिलकर गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल पेश की। हर तरफ “ईद मुबारक” की गूंज सुनाई दे रही थी।
इस खास मौके पर सहरसा के विधायक आईपी गुप्ता भी ईदगाह पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उन्हें ईद की शुभकामनाएं दीं। विधायक ने कहा कि ईद का त्योहार प्रेम, त्याग और भाईचारे का प्रतीक है, जो समाज को एकजुट करने का संदेश देता है। उन्होंने सभी से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
वहीं, पूरे आयोजन को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। ईदगाह और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
ईद के इस मौके पर शहर के विभिन्न इलाकों में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर मिठाइयां बांटी और त्योहार की खुशियां साझा कीं। कुल मिलाकर सहरसा में ईद-उल-फितर का पर्व आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश देता नजर आया।
