सहरसा पहुंचे बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने यूजीसी (UGC) के मुद्दे को लेकर विपक्ष पर जमकर हमला बोला। सहरसा सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उच्च शिक्षा संस्थान और यूजीसी किसी एक वर्ग या समाज के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों के बच्चों के लिए हैं। देश का हर बच्चा, चाहे वह किसी भी समाज से आता हो, उसे पढ़ने और आगे बढ़ने का पूरा अधिकार है।
मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास” है और इसी सोच के तहत यूजीसी से जुड़े निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और देश में विपक्ष यूजीसी के मुद्दे पर बेवजह हाय-तौबा मचा रहा है और घड़ियाली आंसू बहाकर समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। मंत्री ने कहा कि जिन समाजों को विपक्ष आज गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहा है, उन्हीं समाजों ने बिहार में लंबे समय तक जंगलराज का दंश झेला है।
उन्होंने कहा कि कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी और विपक्षी दल समाज को मुख्यधारा से अलग कर उसे दो हिस्सों में बांटना चाहते हैं, लेकिन यह मंशा कभी सफल नहीं होगी। शिक्षा किसी एक वर्ग की बपौती नहीं है। हर समाज के बच्चे को शिक्षा पाने का समान अधिकार है और यही भारतीय संविधान की मूल भावना भी है।
यूजीसी को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि यूजीसी आयोग के अध्यक्ष अर्जुन सिंह स्वर्ण समाज से आते हैं, वहीं देश के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी स्वर्ण समाज से हैं। इन्हीं लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों और संविधान में निहित राइट टू एजुकेशन की मूल भावना के आधार पर फैसले लिए हैं। ऐसे में यूजीसी के मुद्दे पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का कोई औचित्य नहीं है।
मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने दो टूक कहा कि शिक्षा सबके लिए है और सरकार इसी सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि विपक्ष के भ्रामक प्रचार से सावधान रहें और शिक्षा को राजनीति का हथियार न बनने दें।
