मौसम विभाग का अलर्ट जारी बिहार में सहरसा के साथ कुछ जिलों में आज हल्की या मध्यम स्तर के साथ कुछ जिलों में भारी बारिश होगी. वहीं 19 जिलों में वज्रपात की भी संभावना है.मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने इसको लेकर अलर्ट जारी किया है. पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी और मधुबनी में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही मुजफ्फरपुर में भी एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी है. इन जिलों में वज्रपात की भी अधिक संभावना जताई गई है मौसम विभाग ने इन जिलों के लोगों को टुईट कर सावधानी बरतने के लिए कहा है.

वज्रपात और बिजली चमकने के साथ मध्यम स्तर की वर्षा होने का पूर्वानुमान
मंगलवार को सात जिलों में वज्रपात से 16 लोगों की मौत हो गई थी. आज भी उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार मिलाकर कुल 19 जिलों में वज्रपात और बिजली चमकने के साथ मध्यम स्तर की वर्षा होने का पूर्वानुमान है. इन जिलों में सीवान, सारण, दरभंगा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, वैशाली, समस्तीपुर, बक्सर, भभुआ, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल शामिल हैं.
सहरसा समेत 13 जिलों में होगी हल्की वर्षा
दक्षिण मध्य और दक्षिण पूर्व बिहार के 13 जिलों के कुछ-कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होगी. बिजली चमकने के साथ एक-दो स्थानों पर वज्रपात की भी संभावना है. इन जिलों में पटना, गया, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, भागलपुर, मुंगेर, बांका, जमुई और खगड़िया शामिल हैं. मंगलवार को 27 जिलों में कहीं भारी तो कहीं मध्यम स्तर की वर्षा हुई. सबसे अधिक बारिश अररिया के फारबिसगंज में हुई. यहां 152.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड किया गया. दूसरे स्थान पर किशनगंज रहा. यहां ठाकुरगंज में 124.8 मिलीमीटर के साथ भारी बारिश हुई.
इसके अलावा मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, पटना, जहानाबाद, नालंदा, बेगूसराय, दरभंगा, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, पूर्णिया, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, भोजपुर, गोपालगंज, बक्सर, कैमूर और रोहतास के एक-दो स्थानों पर मध्यम स्तर तो कहीं हल्की वर्षा दर्ज की गई.
बिहार के सभी जिलों में होगी वर्षा
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार पूरे बिहार में पूर्वी एवं दक्षिण पूर्वी हवा का प्रवाह सतह 0.9 किलोमीटर ऊपर तक बना हुआ है. पछुआ और दक्षिण पछुआ हवा का प्रवाह सतह से 1.5 किलोमीटर ऊपर बना हुआ है. एक पूर्व पश्चिम ट्रफ रेखा उत्तर पश्चिम राजस्थान से पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक उत्तर पूर्वी राजस्थान, उत्तरी हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ से होकर समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर से गुजर रही है. इसके प्रभाव से उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है तो पूरे बिहार में वर्षा होने का संभावना है.
