नवगछिया के गोपालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पचगछिया गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे 14 वर्षीय बालक की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार सोमवार की शाम करीब चार बजे जब परिवार के लोगों ने बालक को आवाज दी तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद जब वे कमरे में पहुंचे तो उसे फंदे से लटका पाया। आनन-फानन में परिजनों ने उसे नीचे उतारकर इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच), मायागंज ले जाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि बालक का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था और पूर्व में भी उसने आत्मघाती प्रयास किया था। घटना के बाद पूरे परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी मातम पसरा हुआ है।
मायागंज स्थित बरारी कैंप थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। मंगलवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह घटना मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक रूप से परेशान बच्चों और किशोरों पर विशेष ध्यान देने, नियमित परामर्श और समय पर इलाज से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
यदि कोई बच्चा या व्यक्ति मानसिक तनाव से गुजर रहा हो, तो परिजन तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। भारत सरकार की ‘किरण’ मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन (1800-599-0019) पर निःशुल्क सहायता उपलब्ध है।
