कर्नाटक के मंगलुरु से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर एक अहम खबर सामने आई है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, विशेष रूप से, और के बीच चल रहे मराठा के समुद्र में भारत के लिए राहत भरी स्थिति बनी हुई है। दक्षिण कन्नड़ जिले के दो बड़े उद्यमों की पहुंच से लेकर ईंधन की आपूर्ति मजबूत हुई है।

शनिवार देर रात एक विशाल तेल ड्रम ‘एकवा टाइटन’ बंदरगाह पर रवाना हुआ। यह जहाज रूस के प्रिमोर्स्क बंदरगाह से करीब 96,000 मिलियन टन ‘यूराल क्रूड ऑयल’ लेकर आया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह रॉ ऑयल (एमआरपीएल) के लिए मंगाया गया है। नाव से तेल की सूची जारी करने की प्रक्रिया जारी है, जिससे रिफाइनरी की कंपनी को पूरा करने और उत्पादन पर किसी भी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इसी के साथ ऊर्जा आपूर्ति के अन्य संदेश पर भी राहत की खबर है। रविवार की सुबह टेक्सास से ‘पिक्सिस पायोनियर’ नाम का जहाज 16,000 टैंकर टनल लेकर मंगलुरु बंदरगाह पहुंचा। यह गैस पेट्रोलियम के यूनिट स्टोरेज को दी जा रही है। पोर्ट अधिकारियों ने बताया कि गैस अनलोडिंग का काम शुरू हो चुका है और पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

विशेषज्ञ का मानना ​​है कि रूस और अमेरिका जैसे बड़े देशों के बीच प्लास्टिक की प्लाज्मा आपूर्ति भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इससे न केवल ऊर्जा संकट का खतरा कम होता है, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होती है।

अधिकारियों का कहना है, दोनों खिलाड़ियों के आगमन और अनलोडिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित और निष्क्रिय रूप से चल रही है, जिससे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति बनी रहेगी।

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