पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्व, परिचालन और अवसंरचना विकास के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यह उपलब्धि न केवल बेहतर प्रबंधन का संकेत है, बल्कि यात्रियों के बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है। मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में वाणिज्य विभाग ने विशेष रूप से यात्री आय के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम मांझी के अनुसार, मालदा मंडल ने इस अवधि में कुल 536.31 करोड़ रुपये की आय अर्जित की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.32 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि का श्रेय बेहतर सेवाओं, सुदृढ़ प्रबंधन और परिचालन दक्षता को दिया जा रहा है।
टिकट जांच से होने वाली आय में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। इस मद में 14.25 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले वर्ष के 7.52 करोड़ रुपये के मुकाबले 101.43 प्रतिशत अधिक है। वहीं, वाणिज्यिक विविध आय बढ़कर 12.62 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो एक नया रिकॉर्ड है।
माल ढुलाई के क्षेत्र में भी मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 18 मिलियन टन से अधिक माल परिवहन किया, जो अब तक का सर्वोच्च आंकड़ा है। यह उपलब्धि संचालन विभाग की दक्षता और योजनाबद्ध कार्यप्रणाली को दर्शाती है।
इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रैक नवीनीकरण और रखरखाव कार्यों में लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया। विभाग ने 17.16 करोड़ रुपये की विविध आय अर्जित कर निर्धारित लक्ष्य को दोगुना कर दिया।
इसके अलावा, सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग ने भी आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। मालदा टाउन गुड्स यार्ड में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम, बेहतर सिग्नलिंग और सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाओं से संचालन और यात्री सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।
कुल मिलाकर, मालदा मंडल की यह सफलता मजबूत नेतृत्व, टीमवर्क और समर्पण का परिणाम है, जो रेलवे के समग्र विकास और यात्री सुविधाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो रही है।
