बिहार के सहरसा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। सदर थाना क्षेत्र के सिमराहा चौक के समीप 18 फरवरी 2026 को हुए चर्चित गोलीकांड मामले में सहरसा पुलिस को अहम सफलता मिली है। घटना में फरार चल रहे दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गोलीबारी में 13 वर्षीय एक बालक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल बन गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, सहरसा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। टीम ने सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण, तकनीकी सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का संकलन तथा जिला आसूचना इकाई के सहयोग से लगातार छापेमारी अभियान चलाया। इसी क्रम में 26 फरवरी 2026 को सुपौल जिले के रतनपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत भगवानपुर गांव से दोनों फरार शूटरों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर बनमा इटहरी थाना क्षेत्र के सुगमा पुल के पास से घटना में प्रयुक्त एक संभावित देशी कट्टा और एक खोखा बरामद किया गया है। बरामद हथियार को जब्त कर बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि वैज्ञानिक तरीके से इसकी पुष्टि की जा सके।
पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पवन कुमार से दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। पूरी रकम नहीं देने की स्थिति में एक लाख रुपये नकद और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल देने की सहमति बनी थी। पुलिस के अनुसार भूमि विवाद भी इस घटना का एक मुख्य कारण रहा है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान ललटू कुमार, पिता सत्यनारायण शर्मा, निवासी आगम, थाना बसनही तथा सूरज, पिता अकल साह, निवासी जलसा भीत, थाना काशनगर के रूप में हुई है। पुलिस इनके आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है। बसनही थाना कांड संख्या 109/25 में लूट के मामले में भी इनकी संलिप्तता सामने आई है।
फिलहाल पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

