राजधानी पटना सिटी के मुंगलपुरा टीओपी क्षेत्र में मंगलवार को नियमित वाहन जांच के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने दो युवकों को 32 लाख रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया है।
इतनी बड़ी रकम संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आयकर विभाग को भी सूचना दे दी है। फिलहाल दोनों युवक पुलिस हिरासत में हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मुंगलपुरा चौकी के पास पुलिस टीम नियमित रूप से वाहन जांच अभियान चला रही थी।
इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर घबरा गए और मौके से भागने का प्रयास करने लगे। युवकों की इस हरकत ने पुलिस को संदेह में डाल दिया। तत्परता दिखाते हुए पुलिस टीम ने उनका पीछा कर कुछ ही दूरी पर उन्हें रोक लिया और तलाशी ली।
तलाशी के दौरान युवकों के पास मौजूद एक बैग से 500 रुपये के नोटों में कुल 32 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इतनी बड़ी नकद राशि देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
इसके बाद दोनों युवकों को तुरंत मुंगलपुरा टीओपी लाया गया, जहां उनसे पूछताछ शुरू की गई।
प्रारंभिक पूछताछ में युवकों ने दावा किया कि बरामद की गई राशि पश्चिम बंगाल के वर्धमान की एक निजी कंपनी की है। उनका कहना है कि उक्त कंपनी की एक शाखा पटना में भी संचालित होती है और वे कंपनी की ओर से यह नकदी बैंक में जमा कराने जा रहे थे।
हालांकि जब पुलिस ने उनसे इस दावे से जुड़े कागजात और अधिकृत दस्तावेज दिखाने को कहा, तो वे कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवकों के बयान और उनके व्यवहार में कई तरह की असंगतियां पाई गई हैं। इसी कारण मामले को संदिग्ध मानते हुए आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि इतनी बड़ी नकद राशि का परिवहन बिना वैध दस्तावेजों के नियमों के खिलाफ है, और इसकी जांच जरूरी है कि पैसा किसका है, कहां से आया और किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
इस पूरे मामले को लेकर पटना सिटी के एसडीपीओ डॉ. गौरव कुमार ने बताया कि बरामद नकदी को जब्त कर लिया गया है और दोनों युवकों से पूछताछ जारी है। साथ ही जिस कंपनी का नाम लिया जा रहा है, उससे भी संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि युवकों के दावे की सत्यता की पुष्टि की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि आयकर विभाग को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है।
एसडीपीओ डॉ. गौरव कुमार ने कहा, “नियमित चेकिंग के दौरान यह कार्रवाई की गई है। संदिग्ध स्थिति में भारी मात्रा में नकदी मिलने के बाद आयकर विभाग को सूचित कर दिया गया है। आयकर विभाग की टीम अब रकम के स्रोत, स्वामित्व और वैधता से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी।”
फिलहाल पुलिस और आयकर विभाग की संयुक्त जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 32 लाख रुपये की यह रकम वैध है या इसके पीछे कोई अवैध गतिविधि जुड़ी हुई है। मामले पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।
