सहरसा जिले में रेलवे स्टेशन के आसपास स्थित रेड लाइट एरिया में पुलिस की लगातार छापेमारी से हड़कंप मचा हुआ है। बीती रात से शुरू हुई इस कार्रवाई में अब तक 15 लड़कियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल बताई जा रही हैं। पुलिस की यह कार्रवाई अभी भी जारी है और पूरे इलाके में सघन छानबीन की जा रही है।
इस बीच मामला उस वक्त और ज्यादा सनसनीखेज हो गया जब ज्योति विवेकानंद संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योति मिश्रा ने हमारे संवाददाता को एक चौंकाने वाली जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी टीम ने इसी इलाके में जाकर लड़कियों की स्वास्थ्य जांच और HIV टेस्ट कराया था, जिसमें चार लड़कियों की रिपोर्ट HIV पॉजिटिव आई थी। वे सभी अभी भी फरार बताई जा रही हैं।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में बिहार के कई जिलों—सीतामढ़ी, मधुबनी, गया और मुजफ्फरपुर—में HIV संक्रमित मरीज सामने आए हैं। इनमें सबसे अधिक मामले सीतामढ़ी जिले से रिपोर्ट किए गए हैं। अब सहरसा में इस तरह के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ गई है।
मौके पर छापेमारी का नेतृत्व कर रहे डीएसपी ने बताया कि पुलिस पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। हिरासत में ली गई सभी लड़कियों की काउंसलिंग की जा रही है और उनकी पहचान, उम्र व स्वास्थ्य से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। डीएसपी के अनुसार, “जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।”
हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह है कि HIV पॉजिटिव बताई गई चार लड़कियों में से अब तक सिर्फ एक ही पुलिस की पकड़ में आ सकी है, जबकि तीन अब भी फरार हैं। ऐसे में उनके खुलेआम घूमने से सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो सकता है। प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि फरार लड़कियों को जल्द से जल्द तलाश कर स्वास्थ्य जांच और जरूरी काउंसलिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
