बिहार में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए माफियाओं पर करारा प्रहार किया है। 12 मार्च से 17 मार्च के बीच चले इस विशेष अभियान में राज्य के विभिन्न जिलों से कुल 419 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जबकि इस धंधे में शामिल 21 लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 14 प्राथमिकी दर्ज कर पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की गई है।
राज्य सरकार ने साफ किया है कि बिहार में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन कुछ जमाखोर कृत्रिम किल्लत पैदा कर आम लोगों को परेशान करने में लगे थे। इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी जिलों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया गया।
सबसे बड़ी कार्रवाई अररिया जिले के फारबिसगंज थाना क्षेत्र में देखने को मिली, जहां से 261 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं सहरसा में भी बड़ी सफलता मिली, जहां 112 सिलेंडर बरामद हुए और एक आरोपी को पकड़ा गया।
इसके अलावा शिवहर, मधेपुरा, बेगूसराय, सारण, मुजफ्फरपुर, रोहतास, शेखपुरा और मोतिहारी सहित कई जिलों में भी छापेमारी कर अवैध गैस कारोबार का खुलासा किया गया। अलग-अलग जगहों से छोटे-बड़े स्तर पर सिलेंडर जब्त कर कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
शेखपुरा के पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई है और आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। वहीं जिलाधिकारी शेखर आनंद ने गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर सख्त चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
