राजधानी पटना से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम संबंध के बाद नाबालिग लड़की के अपहरण, अवैध सर्जरी और नवजात बच्ची को बेचने की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस की तत्पर कार्रवाई से न केवल पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर लिया गया, बल्कि नवजात बच्ची को भी बचा लिया गया। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी युवक, उसकी मां और क्लिनिक संचालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

 

जानकारी के अनुसार, गर्दनीबाग थाना क्षेत्र से 3 मार्च को एक नाबालिग लड़की के अपहरण की शिकायत उसके परिजनों ने पुलिस में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। तकनीकी और मानवीय संसाधनों की मदद से पुलिस ने कुछ ही समय में पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर लिया।

 

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पीड़िता का एक युवक के साथ प्रेम संबंध था। इसी दौरान वह गर्भवती हो गई। गर्भावस्था की जानकारी मिलने के बाद युवक ने अपनी मां के साथ मिलकर एक साजिश रची। आरोप है कि युवक पीड़िता को पटना के एक निजी क्लिनिक में ले गया, जहां उसकी अवैध सर्जरी कराई गई।

 

पुलिस जांच में सामने आया कि यह सर्जरी किसी योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा नहीं बल्कि एक सर्जन के जरिए कराई गई, जो पूरी तरह अवैध है। इतना ही नहीं, क्लिनिक के रजिस्टर में इस सर्जरी से जुड़ी कोई प्रविष्टि नहीं पाई गई और न ही कोई वैध दस्तावेज मौजूद थे।

 

सर्जरी के दौरान पीड़िता ने एक नवजात बच्ची को जन्म दिया। आरोप है कि युवक और उसकी मां बच्ची को अपने पास रखने के बजाय उसे फेंकने की योजना बना रहे थे। वहीं क्लिनिक संचालक ने नवजात बच्ची को छिपाकर उसे बेचने की साजिश रच डाली और इस बारे में पुलिस या प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी।

 

मामले की जानकारी मिलते ही पटना पुलिस ने क्लिनिक में छापेमारी की और नवजात बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची को तुरंत बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया।

 

सचिवालय-1 की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. अनु कुमारी ने बताया कि सर्जरी करने वाले सर्जन और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। क्लिनिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को पत्र भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

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