राजस्थान के बाड़मेर से एक सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लव मैरिज के बाद पत्नी पर जानलेवा फायरिंग करने वाले पति को अदालत ने सख्त सजा सुनाई है। करीब 13 साल पुराने इस मामले में बाड़मेर की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-2 ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

 

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-2 पीयूष चौधरी ने जयपुर के जगतपुरा निवासी सुनील मीणा को हत्या के प्रयास के मामले में दोषी करार दिया। अदालत में इस केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 26 गवाहों के बयान, 47 दस्तावेज और तीन अहम साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया।

 

मामले की जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक अनामिका सांदू ने बताया कि पीड़िता कीर्तिका पालीवाल ने 21 जून 2013 को पुलिस को दिए बयान में पूरी घटना का जिक्र किया था। कीर्तिका ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2011 में सुनील मीणा से प्रेम विवाह के रूप में हुई थी। लेकिन शादी के लगभग एक साल बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।

 

उस समय कीर्तिका बाड़मेर में डाक निरीक्षक के पद पर कार्यरत थी और आदर्श स्टेडियम के पीछे स्थित डाक कॉलोनी में रहती थी। इसी दौरान आरोपी पति ने विवाद के चलते उस पर फायरिंग कर दी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

 

हैरानी की बात यह रही कि सजा सुनाए जाने के बाद जब पुलिस आरोपी को कोर्ट से बाहर लेकर जा रही थी, तब उसका रवैया बिल्कुल अलग नजर आया। वह मीडिया को देखकर हंसने लगा और बेपरवाही से कहा, “ऐसा क्या बड़ा क्राइम कर दिया, सब लगे हो।” उसने यह भी कहा कि “307 और 309 का केस है, क्या मुझे क्रिमिनल की तरह दिखाओगे।”

 

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्यार से शुरू हुआ रिश्ता आखिर इतनी नफरत में कैसे बदल गया कि मामला जान लेने तक पहुंच गया।

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