भागलपुर में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया और इलाज के दौरान वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस पर लापरवाही और एकतरफा जांच का गंभीर आरोप लगाया है।
कुतुबगंज निवासी मोहन मोदी ने वरीय आरक्षी को आवेदन देकर बताया कि उनके पुत्र रोहित कुमार और अंजली कुमारी के बीच पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध था। करीब छह महीने पहले परिवार में एक घटना के बाद रोहित ने अंजली को शादी का प्रस्ताव दिया, लेकिन लड़की ने इंकार कर दिया। इसके बाद विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर लड़की ने धमकी भी दी।
आरोप है कि 12 मार्च की शाम साजिश के तहत रोहित को पंकज चौरसिया के घर बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद लोगों ने गेट बंद कर उस पर डंडे, बैट और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में रोहित गंभीर रूप से घायल हो गया, उसकी आंख के ऊपर गहरा जख्म हुआ और हाथ भी टूट गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रोहित को सदर अस्पताल, भागलपुर में भर्ती कराया, लेकिन अगले ही दिन वह अस्पताल से लापता हो गया। परिजनों का कहना है कि इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला है। वहीं दूसरी ओर, अंजली कुमारी द्वारा रोहित के खिलाफ मामला दर्ज कराने से मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि 14 मार्च को बबरगंज थाना में आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 18 मार्च को हुई जांच में भी सिर्फ एक पक्ष से पूछताछ की गई, जबकि दूसरे पक्ष की बात नहीं सुनी गई।
अब परिवार ने प्रशासन से बेटे की जल्द बरामदगी, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उन्हें न्याय मिल सके।
