अंग प्रदेश की पहचान बन चुकी मधुर और आत्मीय आवाज अब खामोश हो गई है। आकाशवाणी भागलपुर के अवकाश प्राप्त उद्घोषक डॉ. विजय कुमार मिश्रा, जिन्हें स्नेहपूर्वक ‘बिरजू भैया’ कहा जाता था, के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। उनकी विशिष्ट शैली और अंगिका भाषा की मिठास ने उन्हें जन-जन का प्रिय बना दिया था।
उनके निधन की सूचना मिलते ही विश्वविख्यात लीफ आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पांच घंटे के कठिन परिश्रम से पीपल के हरे पत्ते पर बिरजू भैया की बेहद सूक्ष्म और जीवंत तस्वीर उकेरी। कलाकृति पर उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में लिखा— “हेलो फरमाइश, अलविदा बिरजू भैया।” यह कलाकृति सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोगों की आंखें नम कर रही है।
मधुरेंद्र ने बताया कि वर्ष 2025 में भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड में आयोजित अंगिका महोत्सव के दौरान जब उन्होंने मंच से बिरजू भैया की आवाज सुनी, तो वे भावुक हो उठे। बचपन में रेडियो पर सुनी वही परिचित आवाज सामने गूंज रही थी। बाद में उनसे मुलाकात का अवसर भी मिला। उन्होंने मधुरेंद्र की कला की सराहना की थी, जिसे कलाकार आज भी अपनी प्रेरणा मानते हैं।
बिरजू भैया का लोकप्रिय कार्यक्रम “हेलो फरमाइश” हर शनिवार दोपहर 1:30 बजे प्रसारित होता था और श्रोताओं के दिलों की धड़कन बन चुका था। उनकी आवाज केवल प्रसारण नहीं, बल्कि अंग प्रदेश की संस्कृति, भाषा और संवेदना की सजीव अभिव्यक्ति थी।
आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी गूंज अंगिका माटी में सदैव जीवित रहेगी। अंग समाज ने अपनी सांस्कृतिक धरोहर की एक अमूल्य कड़ी खो दी है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
