सहरसा जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सर्वजन दवा सेवन (MDA-IDA) अभियान की भव्य शुरुआत की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, चिकित्सक और कर्मी उपस्थित रहे। अभियान की शुरुआत करते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं दवा का सेवन कर लोगों को यह संदेश दिया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए बेहद आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान 10 फरवरी से 27 फरवरी तक पूरे जिले में चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएगी। साथ ही विभिन्न पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में मेगा कैंप का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक दवा पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि सहरसा जिले की कुल आबादी लगभग 22 लाख 84 हजार है और लक्ष्य है कि शत-प्रतिशत लोगों को दवा का सेवन कराया जाए।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि फाइलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें और दवा जरूर लें। जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ लोगों में दवा को लेकर भ्रांतियां रहती हैं, लेकिन यह दवा पूरी तरह सुरक्षित और स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रमाणित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जिससे हाथ-पैरों में सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन समय पर दवा सेवन से इसे रोका जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी अभियान की रणनीति और तैयारियों की जानकारी दी। प्रशासन का लक्ष्य है कि जनजागरूकता के माध्यम से सहरसा को फाइलेरिया मुक्त बनाया जाए।
