बिहार के सहरसा से एक गंभीर मामला सामने आया है। सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिरादेय पंचायत के दिघिया वार्ड नंबर-1 में जमीन को लेकर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय निवासी अजय कुमार (पिता–सुरेश मिश्री) ने सदर थाना अध्यक्ष को आवेदन देकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
अजय कुमार ने आवेदन में आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने हिस्से की दो कट्ठा पुश्तैनी जमीन बिक्री के बाद भी उनके चचेरे भाई दियाद सहित अन्य रिश्तेदारों द्वारा लगातार विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रामचंद्र मिस्त्री, श्याम मिस्त्री, शिवन मिस्त्री (पिता–राजो मिस्त्री) और पप्पू कुमार श्रवण (पिता–रामचंद्र मिश्री) समेत अन्य लोग मिलकर उन्हें पंचायत में बुलाने का दबाव बना रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
पीड़ित ने आशंका जताई है कि पंचायत बुलाकर उनके साथ सामूहिक रूप से मारपीट की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जमीन से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मामला संख्या टी.एस. 14/2026, न्यायालय सब जज-1, सहरसा में लंबित है। इसके बावजूद उनके खिलाफ पंचायत के माध्यम से समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है।
अजय कुमार ने यह भी बताया कि हिस्सेदारी को लेकर पहले भी उनके साथ मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। इस वजह से उन्होंने थाना प्रशासन से मिलकर मामले में हस्तक्षेप करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आवेदन उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और विवाद को न्यायालय में ही सुलझाने की अपील की है।
स्थानीय लोग भी इस मामले को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि जमीन जैसे विवादित मामलों में पंचायत का दबाव और धमकी देना सामाजिक शांति के लिए खतरा हो सकता है। ऐसे मामलों में न्यायालय और पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है ताकि कानूनी प्रक्रिया का पालन हो और किसी भी तरह की हिंसा से बचा जा सके।
