भागलपुर अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव के कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में कहलगांव एवं पीरपैंती अंचल में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अंचलाधिकारी पीरपैंती, अंचलाधिकारी कहलगांव एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी पीरपैंती उपस्थित थे।
बैठक के दौरान गोड्डा–पीरपैंती रेल लाइन परियोजना के भू-अर्जन की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी कहलगांव एवं पीरपैंती को निर्देश दिया कि संबंधित रैयतों से प्रतिदिन आवेदन प्राप्त किए जाएं तथा कैंप लगाकर वंशावली तैयार करने और एलपीसी निर्गत करने की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना 500 करोड़ रुपये से अधिक की है और ऐसे सभी प्रोजेक्ट्स का अनुश्रवण प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा किया जा रहा है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि भागलपुर जिले में लगभग 8 किलोमीटर क्षेत्र में यह रेल लाइन प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही कहलगांव और पीरपैंती में संचालित थर्मल पावर परियोजना तथा प्रस्तावित विक्रमशिला विश्वविद्यालय सहित अन्य सभी परियोजनाओं के भू-अर्जन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव द्वारा सभी परियोजनाओं के भू-अर्जन की स्थिति की निरंतर निगरानी और समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा बैठक के उपरांत जिलाधिकारी ने विक्रमशिला–कटारिया रेलवे लाइन के सर्वे स्थल का निरीक्षण किया, जहां भूमि सर्वे का कार्य प्रगति पर है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय जनता से रू-ब-रू होकर उनकी समस्याएं सुनीं, अमीन के प्रतिवेदन का अवलोकन किया और मौके पर उपस्थित रेलवे अधिकारियों से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान कहलगांव के अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया कि परियोजना से संबंधित रैयतों के नाम, जमाबंदी संख्या, खाता, खेसरा एवं भूमि की किस्म का विस्तृत विवरण शीघ्र जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही रंगरा चक एवं गोपालपुर के अंचलाधिकारियों को भी इस निर्देश से अवगत कराने को कहा गया, ताकि भू-अर्जन की प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरी की जा सके।
