उत्तर प्रदेश पुलिस में कई ऐसे अधिकारी हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और बेहतरीन कार्यशैली से खास पहचान बनाई है। उन्हीं में से एक नाम है आईपीएस अंशिका वर्मा, जिन्हें उनके सख्त तेवर और तेज-तर्रार पुलिसिंग के कारण अक्सर “लेडी सिंघम” कहा जाता है। वर्तमान में वे बरेली में एएसपी (बरेली साउथ) के पद पर तैनात हैं और अपनी प्रभावी कार्यशैली के कारण लगातार चर्चा में रहती हैं।
अंशिका वर्मा की पहचान एक ऐसे पुलिस अधिकारी के रूप में है जो अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती हैं। वे कानून व्यवस्था को मजबूत रखने, अपराध नियंत्रण और खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर रहती हैं। उनकी कार्यशैली का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वे केवल अपराधियों पर कार्रवाई तक ही सीमित नहीं रहतीं, बल्कि जनता और पुलिस के बीच भरोसे का माहौल बनाने पर भी विशेष ध्यान देती हैं।
बरेली में निभा रहीं अहम जिम्मेदारी
वर्तमान में अंशिका वर्मा बरेली के बरेली साउथ क्षेत्र में एएसपी के रूप में तैनात हैं। यह क्षेत्र प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां उन्होंने अपराध नियंत्रण को लेकर कई सख्त कदम उठाए हैं। महिलाओं से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए उन्होंने पुलिस गश्त बढ़ाने, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और जागरूकता अभियानों को प्राथमिकता दी है। यही कारण है कि उनकी कार्यशैली की चर्चा आम जनता और प्रशासन दोनों के बीच होती रहती है।
पहली महिला SOG कमांडो यूनिट का नेतृत्व
अंशिका वर्मा की एक खास उपलब्धि यह भी है कि वे बरेली में पहली महिला स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) कमांडो यूनिट का नेतृत्व कर रही हैं। इस पहल का उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें कठिन और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनों के लिए तैयार करना है। इस यूनिट के माध्यम से महिला पुलिसकर्मी भी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जिससे पुलिस बल में महिलाओं का आत्मविश्वास और भागीदारी दोनों बढ़े हैं।
कई जिलों में दे चुकी हैं सेवाएं
बरेली में तैनाती से पहले अंशिका वर्मा उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उन्होंने आगरा और गोरखपुर जैसे संवेदनशील जिलों में भी काम किया है। इन जिलों में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण के लिए कई प्रभावी कदम उठाए। उनकी कार्यशैली हमेशा अनुशासन, पारदर्शिता और सख्ती के लिए जानी जाती है।
मार्शल आर्ट में प्रशिक्षित
अंशिका वर्मा केवल एक प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि शारीरिक रूप से भी बेहद फिट और मजबूत हैं। वे मार्शल आर्ट में प्रशिक्षित हैं और फिटनेस को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानती हैं। उनका मानना है कि एक पुलिस अधिकारी के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी है, ताकि वह किसी भी चुनौती का सामना कर सके।
बिना कोचिंग के पास की UPSC परीक्षा
आईपीएस बनने का सफर अंशिका वर्मा के लिए आसान नहीं था। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी बिना किसी कोचिंग के की थी। पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी कमजोरियों को समझकर उन्होंने और मेहनत की और 2020 में यूपीएससी परीक्षा में 136वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनने का सपना पूरा किया।
इंजीनियरिंग से सिविल सेवा तक
अंशिका वर्मा ने Galgotias College of Engineering and Technology से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक किया है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया और समाज के लिए काम करने का लक्ष्य तय किया।
युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा
आज अंशिका वर्मा की सफलता की कहानी हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। खासतौर पर वे छात्र-छात्राएं जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं, उनके लिए वे एक आदर्श उदाहरण हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि मेहनत, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को सच कर सकता है।
“लेडी सिंघम” के नाम से मशहूर आईपीएस अंशिका वर्मा केवल एक पुलिस अधिकारी ही नहीं, बल्कि मेहनत, साहस और नेतृत्व की मिसाल बन चुकी हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है।
