भागलपुर के चंपानगर स्थित ऐतिहासिक महाशय ड्योढ़ी परिसर में ज्योति कला संगम महाविद्यालय द्वारा आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव 2025 का भव्य एवं यादगार आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कला, संस्कृति और साहित्य के विविध रंग देखने को मिले, जिससे पूरा परिसर उत्सवमय वातावरण से सराबोर रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राजीवकांत मिश्रा, अंकित रंजन, डॉ. श्रीकांत मंडल, सुश्री अपर्णा कुमारी एवं जिला परिषद अध्यक्ष विपिन मंडल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन पर अपने विचार साझा किए और इस तरह के आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत में संस्थान के संस्थापक प्राचार्य चंचल कुमार सिंह ने विषय प्रवेश करते हुए महाविद्यालय की स्थापना, उसके उद्देश्य और कला के क्षेत्र में अब तक की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ज्योति कला संगम महाविद्यालय से प्रशिक्षित छात्र-छात्राएं आज राज्य और देश के विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक पदों पर कार्यरत हैं और अपने कार्यों से समाज को सकारात्मक दिशा दे रहे हैं।
इस अवसर पर राज्य के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत लगभग 90 सफल छात्र-छात्राओं को उनकी उपलब्धियों के लिए प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, लोकनृत्य के साथ-साथ प्रसिद्ध व्यंग्यकार शरद जोशी की चर्चित रचना “सरकार का जादू” का प्रभावशाली मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया और खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम में भागलपुर के सांसद, भागलपुर नगर के विधायक, कला गुरु शंकर मिश्रा, मिथिलेश कुमार, देवाशीष बनर्जी, तरुण घोष, दीपक कुमार, सुनील कुमार रंग समेत बड़ी संख्या में कला प्रेमी, बुद्धिजीवी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक उत्सव रहा, बल्कि कला के माध्यम से समाज को जोड़ने का एक सशक्त मंच भी साबित हुआ।
